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à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤¯à¥‚मन पैपिलोमा वायरस के कारण होता है और यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो हर साल दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में लाखों लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ आमतौर पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ के संपरà¥à¤• के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में जाता है। इस वायरस की लगà¤à¤— 100 या अधिक किसà¥à¤®à¥‡à¤‚ हैं, और उनमें से लगà¤à¤— 40 के बारे में कहा जाता है कि यह यौन संपरà¥à¤• के माधà¥à¤¯à¤® से फैलती हैं।
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ (हà¥à¤¯à¥‚मन पेपिलोमावायरस) को सबसे आम यौन संचारित संकà¥à¤°à¤®à¤£ या रोग कहा जाता है, और कई यौन सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपने जीवन के दौरान कà¤à¥€-कà¤à¥€ इस वायरस के संपरà¥à¤• में आते हैं।
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के विकास के साथ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¯ और कलंक जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण यह है कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों का मानना ​​है कि à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से कैंसर होता है। हालाà¤à¤•ि, इसके लिठऔर à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कà¥à¤› है जिसे हमें समà¤à¤¨à¥‡ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
कà¥à¤› लोगों में, मानव पेपिलोमावायरस संकà¥à¤°à¤®à¤£ मौसा के विकास का कारण बनता है, लेकिन दूसरों में, यह कैंसर का कारण बन सकता है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि सà¤à¥€ à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ कैंसर का कारण बनते हैं। मानव पेपिलोमावायरस संकà¥à¤°à¤®à¤£ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, योनि, लिंग, योनि, योनी और यहां तक ​​कि ऑरोफरीनà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤² कैंसर का कैंसर होता है। हालांकि इस वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कोई इलाज नहीं है, लेकिन अब इसे à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ से रोका जा सकता है।
संकेत और लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ (मानव पेपिलोमावायरस)
अधिकांश लोग आमतौर पर वायरस से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने पर सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¥‹à¤¨à¥à¤®à¥à¤– होते हैं, और उनका शरीर कà¥à¤› महीनों से लेकर वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक संकà¥à¤°à¤®à¤£ को सफलतापूरà¥à¤µà¤• रोकता है। लेकिन, à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अà¤à¥€ à¤à¥€ वायरस को शरण दे सकते हैं और अंत में इसे किसी अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤¿à¤¤ कर सकते हैं।
आपका शरीर आमतौर पर à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ से लड़ता है, इससे पहले कि मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है- रोग का पहला संकेत, और वायरस के कारण होने वाले कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
जननांग मौसा: महिलाओं में, ये मसà¥à¤¸à¥‡ योनी पर, गà¥à¤¦à¤¾ के पास, योनि या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के आसपास दिखाई देते हैं। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में, ये मसà¥à¤¸à¥‡ लिंग, अंडकोश या गà¥à¤¦à¤¾ पर दिखाई दे सकते हैं।
आम तà¥à¤µà¤šà¤¾ के मसà¥à¤¸à¥‡: ये तà¥à¤µà¤šà¤¾ के मसà¥à¤¸à¥‡ शरीर पर कहीं à¤à¥€ हो सकते हैं। इनमें फà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ मौसा (बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में आम), और à¤à¤¡à¤¼à¥€ और पैरों पर तल का मौसा शामिल हैं।
आवरà¥à¤¤à¤• शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पैपिलोमाटोसिस: à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से आपको गले में मसà¥à¤¸à¥‡ à¤à¥€ हो सकते हैं, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प आवरà¥à¤¤à¤• शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पैपिलोमाटोसिस नामक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो जाती है।
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ के कारण और जोखिम कारक
जैसा कि आप अब जानते हैं, à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤¯à¥‚मन पैपिलोमावायरस के कारण होता है जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ और यौन संपरà¥à¤• के माधà¥à¤¯à¤® से फैलता है। इस कारण कई लोगों को बिना संà¤à¥‹à¤— के à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो जाता है।
यदि आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर कोई कट या घरà¥à¤·à¤£ है, तो संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के साथ तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ के निकट संपरà¥à¤• में आने पर आप इस बीमारी को अनà¥à¤¬à¤‚धित करने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रखते हैं। पेपिलोमावायरस के कारण बहà¥à¤¤ से लोग मौखिक घावों का विकास करते हैं, जो मौखिक सेकà¥à¤¸ में à¤à¤¾à¤— लेने पर होता है।
जैसा कि हमने पहले उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया है, à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, और यहां कà¥à¤› कारक दिठगठहैं जो आपके रोग के विकास के जोखिम को बढ़ाते हैं:
यौन साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ की à¤à¤• बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾
à¤à¤¸à¤¾ साथी होना जिसके पास à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ हो
कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ (à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ / à¤à¤¡à¥à¤¸ वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ या à¤à¤¸à¥€ दवाà¤à¤‚ लेना जो उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को दबा देती हैं)
कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ जो खरोंच या टूटी हà¥à¤ˆ है
सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग पूल या सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• शावर जैसे साà¤à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ वाले किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के साथ निकट संपरà¥à¤• में आना
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ का निदान
महिलाओं और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ की जांच अलग-अलग होती है।
महिला
अदà¥à¤¯à¤¤à¤¨ दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, महिलाओं का पहला पैप सà¥à¤®à¥€à¤¯à¤° या पैप परीकà¥à¤·à¤£ 21 साल की उमà¥à¤° में होता है, चाहे यौन गतिविधि कà¥à¤› à¤à¥€ हो। नियमित पैप सà¥à¤®à¥€à¤¯à¤° महिलाओं में असामानà¥à¤¯ कोशिकाओं की पहचान करने में मदद करता है। असामानà¥à¤¯ कोशिकाà¤à¤‚ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर या किसी अनà¥à¤¯ à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ से संबंधित विकारों का संकेत दे सकती हैं।
21 से 29 साल की महिलाओं को हर तीन साल में पैप टेसà¥à¤Ÿ करवाना चाहिà¤à¥¤ और 30 से 65 वरà¥à¤· की आयॠतक महिलाओं को निमà¥à¤¨ में से किसी à¤à¤• से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ होगा:
हर तीन साल में पैप टेसà¥à¤Ÿ करवाà¤à¤‚
हर पांच साल में à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ टेसà¥à¤Ÿ कराà¤à¤‚। यह उचà¥à¤š जोखिम वाले पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ (à¤à¤šà¤†à¤°à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€) के लिठसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ करेगा
सरवाइकल परिवरà¥à¤¤à¤¨ जो कैंसर का कारण बनते हैं, आमतौर पर विकसित होने में कई साल लगते हैं, और à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ आमतौर पर कैंसर पैदा किठबिना अपने आप दूर हो जाते हैं।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚
यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ डीà¤à¤¨à¤ परीकà¥à¤·à¤£ केवल महिलाओं में à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ के निदान के लिठउपलबà¥à¤§ है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में, पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ के निदान के लिठकोई à¤à¤«à¤¡à¥€à¤-अनà¥à¤®à¥‹à¤¦à¤¿à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ उपलबà¥à¤§ नहीं है।
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ के कारण होने वाली जटिलताà¤à¤‚
यदि अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ या अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है, तो वायरस मौखिक गà¥à¤¹à¤¾ में घावों का कारण बनता है जैसे कि जीà¤, गाल, नरम तालू पर, और ये कà¤à¥€-कà¤à¥€ नाक या आपके सà¥à¤µà¤°à¤¯à¤‚तà¥à¤° (वॉयस बॉकà¥à¤¸) तक फैल सकते हैं।
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ की सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ जटिलता यह है कि इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर होता है। हà¥à¤¯à¥‚मन पैपिलोमा वायरस के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार à¤à¥€ जननांगों, मौखिक गà¥à¤¹à¤¾ और यहां तक ​​कि शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के कैंसर का कारण बनते हैं।
हालांकि, आपको यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होना चाहिठकि à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ या इसके कारण होने वाले मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का मतलब यह नहीं है कि आपको कैंसर हो जाà¤à¤—ा।
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ का उपचार
चूंकि à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के अधिकांश मामले सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¥‹à¤¨à¥à¤®à¥à¤– होते हैं, इसलिठअधिकांश लोगों को उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। हालांकि, यदि आप किसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ का अनà¥à¤à¤µ करते हैं, तो आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
जननांग मौसा आमतौर पर à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ दवाओं का उपयोग करके, या तरल नाइटà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ या जलती हà¥à¤ˆ मौसा का उपयोग करके इलाज किया जाता है। हालांकि, यह आपके शरीर से वायरस को खतà¥à¤® नहीं करता है।
यदि नियमित जांच से à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ से संबंधित सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर का पता लगाया जा सकता है, तो आवशà¥à¤¯à¤• उपचार किया जा सकता है। इस कारण से, पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ से संबंधित कैंसर की पहचान करने के लिठपà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ आयॠकी महिलाओं में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की नियमित जांच की जाती है।
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ की सावधानियां
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ को रोकना बहà¥à¤¤ आसान है। यह उतना ही आसान है जितना कि यौन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान कंडोम पहनना और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ यौन संबंध बनाना। à¤à¤• à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ à¤à¥€ है जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को वायरस के कारण होने वाले मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ और कैंसर से बचाती है। गारà¥à¤¡à¤¾à¤¸à¤¿à¤² 9 वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ à¤à¤• à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह आपको à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ के 9 पà¥à¤°à¤•ार के मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ और कैंसर पैदा करने वाले पà¥à¤°à¤•ारों से बचाती है।
इस टीके को लेने के लिठकà¥à¤› शेडà¥à¤¯à¥‚ल हैं, और अलग-अलग उमà¥à¤° की महिलाओं को उनकी उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लेने की सलाह दी जाती है। सीडीसी की सिफारिशों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ टीका 11 या 12 वरà¥à¤· की आयॠके लड़कियों और लड़कों के लिठपà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ किया जाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ टीका की दो खà¥à¤°à¤¾à¤• कम से कम छह महीने के अंतराल पर दी जाती हैं। 15 से 26 वरà¥à¤· की आयॠके पà¥à¤°à¥à¤· और महिलाà¤à¤‚ à¤à¥€ तीन-खà¥à¤°à¤¾à¤• के समय पर टीका लगवा सकते हैं।
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